ऊर्जा: संस्थाएं एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
UP की बिजली प्रणाली कैसे बनी — कब, क्यों, किसलिए
📅 महत्वपूर्ण कालक्रम
UPPCL — UP पावर कॉर्पोरेशन
उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण का मुख्य प्राधिकरण। UPSEB के विभाजन के बाद बना। इसके अंतर्गत 5 वितरण कंपनियां (DISCOMs) कार्यरत हैं।
UPNEDA — नवीकरणीय ऊर्जा संस्था
1983 में स्थापित। सौर, पवन, बायो-गैस, लघु जल विद्युत जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा देने वाली राज्य संस्था। पीएम सूर्य घर योजना की नोडल एजेंसी।
UPRVUNL — ताप विद्युत उत्पादन
1999 में गठित। ओबरा, हरदुआगंज, परिच्छा, पनकी जैसी ताप विद्युत परियोजनाओं का संचालन करती है।
UPJVNL — जल विद्युत
1988 में स्थापित। छोटी-बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं का प्रबंधन। माताटीला, रिहंद जैसे बड़े बाँधों से बिजली।
ताप विद्युत परियोजनाएं
UP की ऊर्जा की रीढ़ — कोयला, गैस एवं संकर ईंधन आधारित बिजलीघर
UP में ताप विद्युत सबसे प्रमुख ऊर्जा स्रोत है। राज्य की बिजली का 60% से अधिक हिस्सा ताप विद्युत से आता है। नीचे सभी प्रमुख परियोजनाओं का विवरण है:
| परियोजना का नाम | जिला / स्थान | ईंधन / प्रकार | संचालक | विशेष तथ्य |
|---|---|---|---|---|
| हरदुआगंज ताप विद्युत | अलीगढ़ | कोयला | UPRVUNL | जापान की सहायता से स्थापित; 2008 में आधुनिकीकरण |
| परिच्छा ताप विद्युत | झाँसी (25 किमी दूर) | कोयला | UPRVUNL | कोयला BCCL व ECL से। बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख परियोजना। |
| ओबरा ताप विद्युत | सोनभद्र | कोयला | UPRVUNL | ओबरा 'D' — UP की पहली अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (660 MW×2) |
| अनपरा ताप विद्युत (A, B, C, D) | सोनभद्र | कोयला | UPRVUNL / निजी | 1500 MW+ क्षमता; अनपरा 'C' Lanco Kondapalli द्वारा; 'D' सरकारी |
| सिंगरौली सुपर थर्मल | शक्तिनगर, सोनभद्र | कोयला | NTPC | NTPC की पहली परियोजना (1986); 2015 MW क्षमता; जयंत/बीना खदान से कोयला |
| टांडा ताप विद्युत | अंबेडकर नगर (विद्युतनगर) | कोयला | NTPC | 440 MW; North Karanpura कोलफील्ड से कोयला; सरयू नदी से जल |
| दादरी थर्मल + गैस | गौतम बुद्ध नगर | कोयला गैस | NTPC | कोयला + गैस दोनों इकाइयाँ; ऊपरी गंगा नहर से जल; दिल्ली क्षेत्र की आपूर्ति |
| पनकी ताप विद्युत | कानपुर | कोयला | UPRVUNL | 210 MW इकाई जनवरी 2018 में बंद; नई 660 MW इकाई स्थापित |
| जवाहर ताप विद्युत | औरैया | गैस | UPRVUNL | गैस आधारित; 2×260 MW |
| रोज़ा ताप विद्युत | शाहजहाँपुर | कोयला | Reliance Power | निजी क्षेत्र में; 2×600 MW |
| मेजा ताप विद्युत | प्रयागराज | कोयला | NTPC + UPRVUNL (संयुक्त) | NTPC व UPRVUNL का 50-50 संयुक्त उद्यम; 2×660 MW |
| दिबियापुर परियोजना | औरैया | गैस सौर | UPRVUNL | गैस + सौर दोनों; फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट भी यहीं स्थित |
| बिल्हौर परियोजना | कानपुर | सौर | UPNEDA | पूर्णतः सौर ऊर्जा पर आधारित |
| बारा (संगम) थर्मल | प्रयागराज (बारा तहसील) | कोयला | Tata Group (JP से अधिग्रहित) | 3×660 MW; सभी इकाइयाँ चालू |
| ललितपुर थर्मल | ललितपुर | कोयला | Bajaj Group | 3×660 MW; पहली इकाई सितंबर 2015 में चालू |
जल विद्युत परियोजनाएं
नदियों का सदुपयोग — बाँध, नहर एवं प्रवाह आधारित बिजली
रिहंद बाँध / गोविंद बल्लभ पंत सागर
नदी: रिहंद (सोन की सहायक)
जिला: सोनभद्र
विशेषता: एशिया के सबसे बड़े जलाशयों में एक। ओबरा एवं अनपरा परियोजनाओं को जल आपूर्ति। क्षमता: 300 MW।
टिहरी जल विद्युत परियोजना
नदी: भागीरथी
राज्य: उत्तराखंड (UP हिस्सेदार)
विशेषता: भारत का सबसे ऊंचा बाँध (260.5 मीटर); UP को बिजली का हिस्सा मिलता है। 1000 MW उत्पादन।
विष्णुप्रयाग जल परियोजना
राज्य: उत्तराखंड
नदी: अलकनंदा
विशेषता: 400 MW क्षमता। UP भी लाभान्वित राज्य। Jaiprakash Power द्वारा निर्मित।
माताटीला बाँध
नदी: बेतवा
जिला: ललितपुर
विशेषता: बुंदेलखंड की प्रमुख परियोजना। सिंचाई और विद्युत दोनों।
नरौरा परमाणु ऊर्जा केंद्र
उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र — सम्पूर्ण जानकारी
स्थान एवं जिला
नरौरा, बुलंदशहर जिला, पश्चिमी उत्तर प्रदेश। गंगा नदी के किनारे। नरौरा बैराज से शीतलन जल।
रिएक्टर प्रकार एवं क्षमता
PHWR (Pressurised Heavy Water Reactor) — भारतीय स्वदेशी डिज़ाइन। दो इकाइयाँ: 220+220 = 440 MW कुल।
संचालन एवं निर्माण
NPCIL (Nuclear Power Corporation of India Limited) द्वारा संचालित। रिएक्टर NPCIL/BARC निर्मित। टर्बाइन और जनरेटर BHEL निर्मित।
निर्माण एवं चालू होने की तिथि
Unit-1: निर्माण दिसंबर 1976; चालू 1 जनवरी 1991
Unit-2: निर्माण नवंबर 1977; चालू 1 जुलाई 1992
पुरस्कार एवं उपलब्धि
वर्ष 2000 में Golden Peacock Award पर्यावरण प्रबंधन हेतु। 2020-21 में वार्षिक उत्पादन: 3284.81 GWh। IAEA निगरानी में 2014 से।
राष्ट्रीय संदर्भ
भारत के 7 परमाणु ऊर्जा स्थलों में से एक। अन्य: ताराापुर (महाराष्ट्र), रावतभाटा (राजस्थान), कल्पक्कम (तमिलनाडु), कैगा (कर्नाटक), काकरापार (गुजरात), कुडनकुलम (तमिलनाडु)।
सौर ऊर्जा नीति 2022 एवं नवीकरणीय ऊर्जा
UP का हरित भविष्य — सोलर सिटी से फ्लोटिंग सोलर तक
🌞 सौर ऊर्जा नीति 2022 के मुख्य बिंदु
- 1अगले 5 वर्षों में 22,000 MW सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य। वित्तीय वर्ष 2028 तक 14 GW उपयोगिता-स्तरीय सौर परियोजनाएं।
- 2नोएडा को Solar City घोषित — ऐसे शहर जहाँ नवीकरणीय ऊर्जा परंपरागत मांग को कम से कम 10% तक घटाए।
- 3अयोध्या को Model Solar City बनाया गया — NTPC Green Energy Limited को 165.10 एकड़ भूमि ₹1/एकड़/वर्ष पर 30 वर्षों के लिए दी गई। 40 MW उत्पादन शुरू।
- 4सौर ऊर्जा संयंत्र/सोलर पार्क के लिए भूमि पर 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट।
- 5पृथक कृषि फीडरों और ग्रिड से जुड़े निजी नलकूपों का सोलराइजेशन — किसानों के लिए महत्वपूर्ण।
- 6Green Power Tariff प्रणाली: उपभोक्ता अतिरिक्त लागत के 50% पर हरित ऊर्जा चुन सकते हैं।
🗺️ प्रमुख सौर स्थान
मऊ — पहला सौर कलेक्ट्रेट
UP का पहला सौर ऊर्जा संचालित कलेक्ट्रेट मऊ जिले में स्थापित हुआ। प्रशासनिक भवनों के सोलराइजेशन का आदर्श उदाहरण।
प्रयागराज — पहला सौर बस स्टेशन
UP का पहला सौर ऊर्जा संचालित बस स्टेशन प्रयागराज में। सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के हरितकरण की दिशा में कदम।
दिबियापुर — फ्लोटिंग सोलर प्लांट
UP का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट दिबियापुर (औरैया) में। पानी की सतह पर तैरते सौर पैनल — जमीन की बचत और जल वाष्पन में कमी।
अयोध्या — आदर्श सौर नगर (2024)
UP सौर नीति 2022 के तहत Model Solar City का दर्जा। 40 MW उत्पादन क्षमता। NTPC Green Energy द्वारा संचालित।
🔆 अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
- ✓पवन ऊर्जा: UP में पवन ऊर्जा की क्षमता सीमित है क्योंकि राज्य तटीय नहीं है। UPNEDA द्वारा छोटे पवन प्रोजेक्ट चलाए जाते हैं।
- ✓बायो-गैस / जैव ऊर्जा: UP जैव ऊर्जा नीति 2022 — गन्ना, धान पराली से बायोगैस/इथेनॉल उत्पादन। UP देश का सबसे बड़ा बायो-गैस उत्पादक राज्य बनने की ओर।
- ✓सौभाग्य योजना (2017): प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना। UP के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण में बड़ी भूमिका।
- ✓पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी। UPNEDA नोडल एजेंसी।
खनिज संसाधन: परिचय एवं प्रशासन
UP के खनिज विभाग, नीतियाँ एवं वर्गीकरण
🏛️ खनिज प्रशासन की संस्थाएं
UP भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय
स्थापना: 1955। भूगर्भीय सर्वेक्षण, खनिज अन्वेषण एवं खनन लाइसेंस देना। Directorate of Geology & Mining।
UP खनिज विकास निगम
स्थापना: 23 मार्च 1974। सरकारी स्तर पर खनिजों का व्यावसायिक दोहन। खनिजों को उद्योग का दर्जा दिया गया।
UP प्रथम खनिज नीति — 1998
UP की पहली खनिज नीति 1998 में घोषित। इसमें खनिज विकास को उद्योग का दर्जा दिया गया। निजी निवेश को प्रोत्साहन।
⚖️ खनिजों का वर्गीकरण
मुख्य खनिज: कोयला, लिग्नाइट, बॉक्साइट, ताम्बा, लौह अयस्क आदि — केंद्र सरकार के नियंत्रण में।
लघु खनिज: बालू, मुरम, गिट्टी, चूना पत्थर (सीमित), ईंट मिट्टी आदि — राज्य सरकार के नियंत्रण में।
प्रमुख खनिज: विस्तृत विवरण
कहाँ मिलता है, क्यों महत्वपूर्ण है, परीक्षा में क्या पूछा जाता है
कोयला (Coal)
सोनभद्र (सिंगरौली क्षेत्र) में गोंडवाना शैलों में। Coal India Limited द्वारा उत्खनन। ओबरा व सिंगरौली संयंत्रों को आपूर्ति।
बॉक्साइट (Bauxite)
ललितपुर, बांदा, चंदौली में। एल्युमीनियम का प्रमुख अयस्क। रेनुकूट (सोनभद्र) में Hindalco का संयंत्र।
चूना पत्थर (Limestone)
कजराहट (सोनभद्र) व चुनार (मिर्जापुर) प्रमुख। सीमेंट उद्योग में उपयोग। डोलोमाइट भी यहाँ से।
काँच बालू (Silica Sand)
शंकरगढ़ (प्रयागराज), चकिया (चंदौली), मोंठ-बहेट (झाँसी)। गंगा-यमुना नदी से उच्च शुद्धता वाली बालू। काँच उद्योग के लिए।
ग्रेफाइट (Graphite)
हमीरपुर में सर्वाधिक। पेंसिल, इलेक्ट्रोड, बैटरी उद्योग में उपयोगी।
हीरा (Diamond)
बांदा जिले में। NMDC ने 8,10,000+ कैरेट उत्पादन रिपोर्ट किया। भारत के सबसे उत्पादक हीरा क्षेत्रों में।
डोलोमाइट (Dolomite)
कजराहट (सोनभद्र) व बांदा में। इस्पात उद्योग में फ्लक्स के रूप में। MgO 10%+ = डोलोमाइट; 45%+ = शुद्ध डोलोमाइट।
चाइना क्ले / एंडैलुसाइट
सोनभद्र, बांदा में चाइना क्ले। मिर्जापुर, सोनभद्र में एंडैलुसाइट — रिफ्रैक्टरी, स्पार्क प्लग में उपयोगी।
🗺️ खनिज-जिला मानचित्र सारणी
| खनिज | प्रमुख जिले | उपयोग | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|---|---|
| कोयला | सोनभद्र (सिंगरौली) | ताप विद्युत, ईंधन | UP देश में 8वें स्थान पर; गोंडवाना शैलों में |
| बॉक्साइट | ललितपुर, बांदा, चंदौली | एल्युमीनियम उत्पादन | Hindalco रेनुकूट (सोनभद्र) में प्रसंस्करण करती है |
| चूना पत्थर | सोनभद्र (कजराहट), मिर्जापुर (चुनार) | सीमेंट, निर्माण | चुनार का पत्थर ऐतिहासिक इमारतों में भी प्रयुक्त |
| डोलोमाइट | सोनभद्र (कजराहट), बांदा | इस्पात, सीमेंट, रसायन | MgO 10%+ = डोलोमाइट; 45%+ = शुद्ध डोलोमाइट |
| काँच बालू | शंकरगढ़ (प्रयागराज), चकिया (चंदौली), मोंठ-बहेट (झाँसी) | काँच उद्योग, ऑप्टिकल | 98% SiO₂; UP में द्वितीय स्थान; भंडार 10 करोड़ टन+ |
| ग्रेफाइट | हमीरपुर | पेंसिल, इलेक्ट्रोड, बैटरी | हमीरपुर में सर्वाधिक उत्पादन |
| हीरा | बांदा | आभूषण, उद्योग | NMDC द्वारा 8.1 लाख कैरेट रिपोर्टेड; अनौपचारिक खनन भी |
| रॉक फॉस्फेट | ललितपुर | उर्वरक उद्योग | लगभग 60 लाख टन भंडार; औसत ग्रेड 16% |
| तांबा | ललितपुर (सोनराई बेल्ट) | विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स | आग्नेय व अवसादी शैलों में तांबे की नसें |
| यूरेनियम | ललितपुर | परमाणु ऊर्जा | सीमित मात्रा; ग्रेड 0.01% से 0.09% |
| पाइरोफाइलाइट | झाँसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर | सिरेमिक, कीटनाशक उद्योग | सोपस्टोन जैसा खनिज |
| चाइना क्ले | सोनभद्र, बांदा | सिरेमिक, कागज, पेंट | उच्च गुणवत्ता वाली कालिन मिट्टी |
परीक्षा उपयोगी बिंदु
UPSC, UP PCS, लेखपाल, Lower PCS में बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य
⚡ ऊर्जा — परीक्षा में जरूर आते हैं ये प्रश्न
- UPNEDA स्थापना वर्ष: 1983
- UP विद्युत सुधार अधिनियम: 1999
- UP राज्य विद्युत परिषद् गठन: 1957
- UPRVUNL गठन: 1999
- नरौरा परमाणु केंद्र → बुलंदशहर → PHWR रिएक्टर → 220+220 = 440 MW
- सिंगरौली सुपर थर्मल → NTPC की पहली परियोजना → 1986 में कमीशन
- ओबरा 'D' → UP की पहली Ultra Super Critical इकाई
- टिहरी बाँध → भागीरथी नदी पर → भारत का सबसे ऊंचा बाँध (260.5 मीटर)
- रिहंद बाँध → रिहंद नदी (सोन की सहायक) → सोनभद्र
- सौभाग्य योजना प्रारम्भ: 2017
- सौर नीति 2022 का लक्ष्य: 22,000 MW
- अयोध्या → Model Solar City | नोएडा → Solar City
- फ्लोटिंग सोलर प्लांट: दिबियापुर (औरैया)
- UP में विद्युत मांग वृद्धि दर: 12% प्रतिवर्ष
🪨 खनिज — परीक्षा में जरूर आते हैं ये प्रश्न
- UP भूतत्व व खनिकर्म निदेशालय स्थापना: 1955
- UP खनिज विकास निगम स्थापना: 23 मार्च 1974
- पहली खनिज नीति: 1998
- कोयले का खनिज उत्पादन में हिस्सा: 47%
- UP का कोयला कहाँ मिलता है: सोनभद्र (सिंगरौली, गोंडवाना शैल)
- UP की कोयला रैंक: देश में 8वाँ स्थान
- बॉक्साइट उत्खनन: Hindalco → रेनुकूट, सोनभद्र
- ग्रेफाइट: हमीरपुर में सर्वाधिक
- काँच बालू में UP का स्थान: देश में दूसरा
- शंकरगढ़ (प्रयागराज) → काँच बालू के लिए प्रसिद्ध
- चकिया (चंदौली) → काँच बालू
- हीरा → बांदा जिले में; NMDC द्वारा उत्पादन
- डोलोमाइट में MgO न्यूनतम: 10%; शुद्ध डोलोमाइट में: 45%+
- UP में खनिज वर्गीकरण: 2 भाग (मुख्य + लघु)
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