📋 विषय सूची — इस पृष्ठ में क्या-क्या है?
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ऊर्जा: संस्थाएं एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

UP की बिजली प्रणाली कैसे बनी — कब, क्यों, किसलिए

1948
भारत का विद्युत आपूर्ति अधिनियम पारित हुआ — राज्य विद्युत बोर्डों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ।
1957
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद् (UPSEB) का गठन — प्रदेश में विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण की एकीकृत संस्था।
1983
UPNEDA (UP New and Renewable Energy Development Agency) की स्थापना — नवीकरणीय ऊर्जा विकास के लिए।
1987
IREDA (Indian Renewable Energy Development Agency) की स्थापना।
1988
UP जल विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPJVNL) की स्थापना।
1999
UP विद्युत सुधार अधिनियम लागू। UPRVUNL (UP Rajya Vidyut Utpadan Nigam) का गठन।
2010
UPPCL और UP Power Transmission Corporation Limited को अलग किया गया।
2017
सौभाग्य योजना शुरू — हर घर बिजली पहुंचाने का राष्ट्रीय अभियान।
2022
UP सौर ऊर्जा नीति 2022 लागू — 22,000 MW का लक्ष्य।

UPPCL — UP पावर कॉर्पोरेशन

उत्तर प्रदेश में विद्युत वितरण का मुख्य प्राधिकरण। UPSEB के विभाजन के बाद बना। इसके अंतर्गत 5 वितरण कंपनियां (DISCOMs) कार्यरत हैं।

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UPNEDA — नवीकरणीय ऊर्जा संस्था

1983 में स्थापित। सौर, पवन, बायो-गैस, लघु जल विद्युत जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा देने वाली राज्य संस्था। पीएम सूर्य घर योजना की नोडल एजेंसी।

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UPRVUNL — ताप विद्युत उत्पादन

1999 में गठित। ओबरा, हरदुआगंज, परिच्छा, पनकी जैसी ताप विद्युत परियोजनाओं का संचालन करती है।

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UPJVNL — जल विद्युत

1988 में स्थापित। छोटी-बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं का प्रबंधन। माताटीला, रिहंद जैसे बड़े बाँधों से बिजली।

💡 परीक्षा टिप्स: UPSC व PCS में अक्सर पूछा जाता है — UPNEDA का गठन कब हुआ? (1983) | UP विद्युत सुधार अधिनियम कब आया? (1999) | विद्युत की मांग कितने % बढ़ रही है? (12% प्रतिवर्ष)
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ताप विद्युत परियोजनाएं

UP की ऊर्जा की रीढ़ — कोयला, गैस एवं संकर ईंधन आधारित बिजलीघर

UP में ताप विद्युत सबसे प्रमुख ऊर्जा स्रोत है। राज्य की बिजली का 60% से अधिक हिस्सा ताप विद्युत से आता है। नीचे सभी प्रमुख परियोजनाओं का विवरण है:

परियोजना का नाम जिला / स्थान ईंधन / प्रकार संचालक विशेष तथ्य
हरदुआगंज ताप विद्युत अलीगढ़ कोयला UPRVUNL जापान की सहायता से स्थापित; 2008 में आधुनिकीकरण
परिच्छा ताप विद्युत झाँसी (25 किमी दूर) कोयला UPRVUNL कोयला BCCL व ECL से। बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख परियोजना।
ओबरा ताप विद्युत सोनभद्र कोयला UPRVUNL ओबरा 'D' — UP की पहली अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल इकाई (660 MW×2)
अनपरा ताप विद्युत (A, B, C, D) सोनभद्र कोयला UPRVUNL / निजी 1500 MW+ क्षमता; अनपरा 'C' Lanco Kondapalli द्वारा; 'D' सरकारी
सिंगरौली सुपर थर्मल शक्तिनगर, सोनभद्र कोयला NTPC NTPC की पहली परियोजना (1986); 2015 MW क्षमता; जयंत/बीना खदान से कोयला
टांडा ताप विद्युत अंबेडकर नगर (विद्युतनगर) कोयला NTPC 440 MW; North Karanpura कोलफील्ड से कोयला; सरयू नदी से जल
दादरी थर्मल + गैस गौतम बुद्ध नगर कोयला गैस NTPC कोयला + गैस दोनों इकाइयाँ; ऊपरी गंगा नहर से जल; दिल्ली क्षेत्र की आपूर्ति
पनकी ताप विद्युत कानपुर कोयला UPRVUNL 210 MW इकाई जनवरी 2018 में बंद; नई 660 MW इकाई स्थापित
जवाहर ताप विद्युत औरैया गैस UPRVUNL गैस आधारित; 2×260 MW
रोज़ा ताप विद्युत शाहजहाँपुर कोयला Reliance Power निजी क्षेत्र में; 2×600 MW
मेजा ताप विद्युत प्रयागराज कोयला NTPC + UPRVUNL (संयुक्त) NTPC व UPRVUNL का 50-50 संयुक्त उद्यम; 2×660 MW
दिबियापुर परियोजना औरैया गैस सौर UPRVUNL गैस + सौर दोनों; फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट भी यहीं स्थित
बिल्हौर परियोजना कानपुर सौर UPNEDA पूर्णतः सौर ऊर्जा पर आधारित
बारा (संगम) थर्मल प्रयागराज (बारा तहसील) कोयला Tata Group (JP से अधिग्रहित) 3×660 MW; सभी इकाइयाँ चालू
ललितपुर थर्मल ललितपुर कोयला Bajaj Group 3×660 MW; पहली इकाई सितंबर 2015 में चालू
🔑 महत्वपूर्ण: NTPC की कुल 25 तापीय परियोजनाएं हैं (अखिल भारत स्तर पर)। सिंगरौली NTPC की प्रथम परियोजना थी, जो 1986 में शुरू हुई। ओबरा 'D' UP की पहली अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल यूनिट है — यह तकनीक अधिक कुशल और कम प्रदूषणकारी होती है।
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जल विद्युत परियोजनाएं

नदियों का सदुपयोग — बाँध, नहर एवं प्रवाह आधारित बिजली

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रिहंद बाँध / गोविंद बल्लभ पंत सागर

नदी: रिहंद (सोन की सहायक)
जिला: सोनभद्र
विशेषता: एशिया के सबसे बड़े जलाशयों में एक। ओबरा एवं अनपरा परियोजनाओं को जल आपूर्ति। क्षमता: 300 MW।

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टिहरी जल विद्युत परियोजना

नदी: भागीरथी
राज्य: उत्तराखंड (UP हिस्सेदार)
विशेषता: भारत का सबसे ऊंचा बाँध (260.5 मीटर); UP को बिजली का हिस्सा मिलता है। 1000 MW उत्पादन।

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विष्णुप्रयाग जल परियोजना

राज्य: उत्तराखंड
नदी: अलकनंदा
विशेषता: 400 MW क्षमता। UP भी लाभान्वित राज्य। Jaiprakash Power द्वारा निर्मित।

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माताटीला बाँध

नदी: बेतवा
जिला: ललितपुर
विशेषता: बुंदेलखंड की प्रमुख परियोजना। सिंचाई और विद्युत दोनों।

📝 याद करें: टिहरी बाँध → भागीरथी नदी → उत्तराखंड | रिहंद बाँध → रिहंद नदी → सोनभद्र (UP) | माताटीला → बेतवा नदी → ललितपुर
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नरौरा परमाणु ऊर्जा केंद्र

उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र — सम्पूर्ण जानकारी

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स्थान एवं जिला

नरौरा, बुलंदशहर जिला, पश्चिमी उत्तर प्रदेश। गंगा नदी के किनारे। नरौरा बैराज से शीतलन जल।

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रिएक्टर प्रकार एवं क्षमता

PHWR (Pressurised Heavy Water Reactor) — भारतीय स्वदेशी डिज़ाइन। दो इकाइयाँ: 220+220 = 440 MW कुल।

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संचालन एवं निर्माण

NPCIL (Nuclear Power Corporation of India Limited) द्वारा संचालित। रिएक्टर NPCIL/BARC निर्मित। टर्बाइन और जनरेटर BHEL निर्मित।

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निर्माण एवं चालू होने की तिथि

Unit-1: निर्माण दिसंबर 1976; चालू 1 जनवरी 1991
Unit-2: निर्माण नवंबर 1977; चालू 1 जुलाई 1992

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पुरस्कार एवं उपलब्धि

वर्ष 2000 में Golden Peacock Award पर्यावरण प्रबंधन हेतु। 2020-21 में वार्षिक उत्पादन: 3284.81 GWh। IAEA निगरानी में 2014 से।

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राष्ट्रीय संदर्भ

भारत के 7 परमाणु ऊर्जा स्थलों में से एक। अन्य: ताराापुर (महाराष्ट्र), रावतभाटा (राजस्थान), कल्पक्कम (तमिलनाडु), कैगा (कर्नाटक), काकरापार (गुजरात), कुडनकुलम (तमिलनाडु)।

⚠️ महत्वपूर्ण घटना: 31 मई 1993 को नरौरा संयंत्र में स्टीम टर्बाइन ब्लेड में खराबी से आग लगी थी। यह भारत की एकमात्र महत्वपूर्ण परमाणु दुर्घटना थी, लेकिन कोई बड़ा विकिरण रिसाव नहीं हुआ। परीक्षा में इसे जनरल नॉलेज के रूप में पूछा जा सकता है।
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सौर ऊर्जा नीति 2022 एवं नवीकरणीय ऊर्जा

UP का हरित भविष्य — सोलर सिटी से फ्लोटिंग सोलर तक

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मऊ — पहला सौर कलेक्ट्रेट

UP का पहला सौर ऊर्जा संचालित कलेक्ट्रेट मऊ जिले में स्थापित हुआ। प्रशासनिक भवनों के सोलराइजेशन का आदर्श उदाहरण।

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प्रयागराज — पहला सौर बस स्टेशन

UP का पहला सौर ऊर्जा संचालित बस स्टेशन प्रयागराज में। सार्वजनिक परिवहन अवसंरचना के हरितकरण की दिशा में कदम।

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दिबियापुर — फ्लोटिंग सोलर प्लांट

UP का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट दिबियापुर (औरैया) में। पानी की सतह पर तैरते सौर पैनल — जमीन की बचत और जल वाष्पन में कमी।

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अयोध्या — आदर्श सौर नगर (2024)

UP सौर नीति 2022 के तहत Model Solar City का दर्जा। 40 MW उत्पादन क्षमता। NTPC Green Energy द्वारा संचालित।

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खनिज संसाधन: परिचय एवं प्रशासन

UP के खनिज विभाग, नीतियाँ एवं वर्गीकरण

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UP भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय

स्थापना: 1955। भूगर्भीय सर्वेक्षण, खनिज अन्वेषण एवं खनन लाइसेंस देना। Directorate of Geology & Mining।

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UP खनिज विकास निगम

स्थापना: 23 मार्च 1974। सरकारी स्तर पर खनिजों का व्यावसायिक दोहन। खनिजों को उद्योग का दर्जा दिया गया।

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UP प्रथम खनिज नीति — 1998

UP की पहली खनिज नीति 1998 में घोषित। इसमें खनिज विकास को उद्योग का दर्जा दिया गया। निजी निवेश को प्रोत्साहन।

दो भाग: UP में खनिजों को मुख्य खनिज (Major Minerals) और लघु खनिज (Minor Minerals) में बाँटा गया है।

मुख्य खनिज: कोयला, लिग्नाइट, बॉक्साइट, ताम्बा, लौह अयस्क आदि — केंद्र सरकार के नियंत्रण में।
लघु खनिज: बालू, मुरम, गिट्टी, चूना पत्थर (सीमित), ईंट मिट्टी आदि — राज्य सरकार के नियंत्रण में।
📊 UP खनिज उत्पादन: कुल खनिज उत्पादन में कोयले का योगदान लगभग 47% है। UP देश में कोयला भंडार में 8वें स्थान पर है। काँच बालू (Silica Sand) उत्पादन में UP दूसरे स्थान पर है।
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प्रमुख खनिज: विस्तृत विवरण

कहाँ मिलता है, क्यों महत्वपूर्ण है, परीक्षा में क्या पूछा जाता है

कोयला (Coal)

सोनभद्र (सिंगरौली क्षेत्र) में गोंडवाना शैलों में। Coal India Limited द्वारा उत्खनन। ओबरा व सिंगरौली संयंत्रों को आपूर्ति।

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बॉक्साइट (Bauxite)

ललितपुर, बांदा, चंदौली में। एल्युमीनियम का प्रमुख अयस्क। रेनुकूट (सोनभद्र) में Hindalco का संयंत्र।

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चूना पत्थर (Limestone)

कजराहट (सोनभद्र) व चुनार (मिर्जापुर) प्रमुख। सीमेंट उद्योग में उपयोग। डोलोमाइट भी यहाँ से।

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काँच बालू (Silica Sand)

शंकरगढ़ (प्रयागराज), चकिया (चंदौली), मोंठ-बहेट (झाँसी)। गंगा-यमुना नदी से उच्च शुद्धता वाली बालू। काँच उद्योग के लिए।

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ग्रेफाइट (Graphite)

हमीरपुर में सर्वाधिक। पेंसिल, इलेक्ट्रोड, बैटरी उद्योग में उपयोगी।

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हीरा (Diamond)

बांदा जिले में। NMDC ने 8,10,000+ कैरेट उत्पादन रिपोर्ट किया। भारत के सबसे उत्पादक हीरा क्षेत्रों में।

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डोलोमाइट (Dolomite)

कजराहट (सोनभद्र) व बांदा में। इस्पात उद्योग में फ्लक्स के रूप में। MgO 10%+ = डोलोमाइट; 45%+ = शुद्ध डोलोमाइट।

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चाइना क्ले / एंडैलुसाइट

सोनभद्र, बांदा में चाइना क्ले। मिर्जापुर, सोनभद्र में एंडैलुसाइट — रिफ्रैक्टरी, स्पार्क प्लग में उपयोगी।

खनिज प्रमुख जिले उपयोग महत्वपूर्ण तथ्य
कोयला सोनभद्र (सिंगरौली) ताप विद्युत, ईंधन UP देश में 8वें स्थान पर; गोंडवाना शैलों में
बॉक्साइट ललितपुर, बांदा, चंदौली एल्युमीनियम उत्पादन Hindalco रेनुकूट (सोनभद्र) में प्रसंस्करण करती है
चूना पत्थर सोनभद्र (कजराहट), मिर्जापुर (चुनार) सीमेंट, निर्माण चुनार का पत्थर ऐतिहासिक इमारतों में भी प्रयुक्त
डोलोमाइट सोनभद्र (कजराहट), बांदा इस्पात, सीमेंट, रसायन MgO 10%+ = डोलोमाइट; 45%+ = शुद्ध डोलोमाइट
काँच बालू शंकरगढ़ (प्रयागराज), चकिया (चंदौली), मोंठ-बहेट (झाँसी) काँच उद्योग, ऑप्टिकल 98% SiO₂; UP में द्वितीय स्थान; भंडार 10 करोड़ टन+
ग्रेफाइट हमीरपुर पेंसिल, इलेक्ट्रोड, बैटरी हमीरपुर में सर्वाधिक उत्पादन
हीरा बांदा आभूषण, उद्योग NMDC द्वारा 8.1 लाख कैरेट रिपोर्टेड; अनौपचारिक खनन भी
रॉक फॉस्फेट ललितपुर उर्वरक उद्योग लगभग 60 लाख टन भंडार; औसत ग्रेड 16%
तांबा ललितपुर (सोनराई बेल्ट) विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स आग्नेय व अवसादी शैलों में तांबे की नसें
यूरेनियम ललितपुर परमाणु ऊर्जा सीमित मात्रा; ग्रेड 0.01% से 0.09%
पाइरोफाइलाइट झाँसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर सिरेमिक, कीटनाशक उद्योग सोपस्टोन जैसा खनिज
चाइना क्ले सोनभद्र, बांदा सिरेमिक, कागज, पेंट उच्च गुणवत्ता वाली कालिन मिट्टी
🌟 अतिरिक्त तथ्य: स्वर्ण (Gold) के सूक्ष्म अंश शारदा और रामगंगा नदी की रेत में मिलते हैं। ललितपुर और सोनभद्र में भी स्वर्ण निक्षेप। एंडैलुसाइट — मिर्जापुर व सोनभद्र में — रिफ्रैक्टरी और स्पार्क प्लग निर्माण में प्रयुक्त।
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परीक्षा उपयोगी बिंदु

UPSC, UP PCS, लेखपाल, Lower PCS में बार-बार पूछे जाने वाले तथ्य

⚡ ऊर्जा — परीक्षा में जरूर आते हैं ये प्रश्न

  • UPNEDA स्थापना वर्ष: 1983
  • UP विद्युत सुधार अधिनियम: 1999
  • UP राज्य विद्युत परिषद् गठन: 1957
  • UPRVUNL गठन: 1999
  • नरौरा परमाणु केंद्र → बुलंदशहर → PHWR रिएक्टर → 220+220 = 440 MW
  • सिंगरौली सुपर थर्मल → NTPC की पहली परियोजना → 1986 में कमीशन
  • ओबरा 'D' → UP की पहली Ultra Super Critical इकाई
  • टिहरी बाँध → भागीरथी नदी पर → भारत का सबसे ऊंचा बाँध (260.5 मीटर)
  • रिहंद बाँध → रिहंद नदी (सोन की सहायक) → सोनभद्र
  • सौभाग्य योजना प्रारम्भ: 2017
  • सौर नीति 2022 का लक्ष्य: 22,000 MW
  • अयोध्या → Model Solar City | नोएडा → Solar City
  • फ्लोटिंग सोलर प्लांट: दिबियापुर (औरैया)
  • UP में विद्युत मांग वृद्धि दर: 12% प्रतिवर्ष

🪨 खनिज — परीक्षा में जरूर आते हैं ये प्रश्न

  • UP भूतत्व व खनिकर्म निदेशालय स्थापना: 1955
  • UP खनिज विकास निगम स्थापना: 23 मार्च 1974
  • पहली खनिज नीति: 1998
  • कोयले का खनिज उत्पादन में हिस्सा: 47%
  • UP का कोयला कहाँ मिलता है: सोनभद्र (सिंगरौली, गोंडवाना शैल)
  • UP की कोयला रैंक: देश में 8वाँ स्थान
  • बॉक्साइट उत्खनन: Hindalco → रेनुकूट, सोनभद्र
  • ग्रेफाइट: हमीरपुर में सर्वाधिक
  • काँच बालू में UP का स्थान: देश में दूसरा
  • शंकरगढ़ (प्रयागराज) → काँच बालू के लिए प्रसिद्ध
  • चकिया (चंदौली) → काँच बालू
  • हीरा → बांदा जिले में; NMDC द्वारा उत्पादन
  • डोलोमाइट में MgO न्यूनतम: 10%; शुद्ध डोलोमाइट में: 45%+
  • UP में खनिज वर्गीकरण: 2 भाग (मुख्य + लघु)

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